राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot)- फाइल फोटो

नई दिल्ली:

राजस्थान में चल रहे सियासी ड्रामे का अंत अभी तक नहीं हुआ है. राज्यपाल द्वारा 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र बुलाए जाने को मंजूरी दिए जाने के बाद गहलोत खेमे के विधायक जैसलमेर पहुंच गए हैं. CM अशोक गहलोत ने बीते दिन विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर दावा करते हुए कहा था, ‘जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा हुई है, राजस्थान में खरीद-फरोख्त (विधायकों की) का रेट बढ़ गया है. इससे पहले पहली किश्त 10 करोड़ और दूसरी किश्त 15 करोड़ रुपये थी. अब यह असीमित हो गई है. सब लोग जानते हैं कौन लोग खरीद-फरोख्त कर रहे हैं.’

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अब राजस्थान के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि राज्य में ये जो भी ‘तमाशा’ हो रहा है उसे बंद करवाएं. अशोक गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खेल खेल रही है.

गहलोत ने जैसलमेर में संवाददाताओं कहा, ‘‘दुर्भाग्य से इस बार भाजपा का प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त का खेल बहुत बड़ा है. वह कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश का प्रयोग यहां कर रही है. पूरा गृह मंत्रालय इस काम में लग चुका है.” उन्होंने कहा,‘‘… हमें किसी की परवाह नहीं. हमें लोकतंत्र की परवाह है. हमारी लड़ाई किसी से नहीं है … (हमारी) विचारधारा, नीतियों एवं कार्यक्रमों की लड़ाई है… लड़ाई यह नहीं होती कि आप चुनी हुई सरकार को गिरा दें. हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है.”

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उन्होंने कहा, ‘‘मोदी को प्रधानमंत्री के रूप दूसरी बार जनता ने मौका दिया जो बड़ी बात है. उन्हें चाहिए कि राजस्थान में जो कुछ तमाशा हो रहा है उसे बंद करवाएं.”

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा सरकार के खिलाफ ट्वीट किए जाने के बारे में गहलोत ने कहा कि सिंह तो अपनी झेंप मिटा रहे हैं जबकि ऑडियो टेप मामले में उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए.

उनके नेतृत्व से नाराज होकर अलग होने वाले सचिन पायलट एवं 18 अन्य कांग्रेस विधायकों की वापसी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला पार्टी आलाकमान को करना है और अगर आलाकमान उन्हें माफ करता है तो वे भी बागियों को गले लगा लेंगे.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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